बंगाली समाज प्रकृति-संस्कृति प्रेम की प्रतिमूर्ति है-अशोक त्रिपाठी

न्यूज़ राष्ट्रीय जागरण

तिथि-9 मार्च 2025,दिन-रविवार

भोपाल-भोपाल महानगर के अवधपुरी बी डी ए बंगाली कालोनी में प्रकृति संस्कृति हित तथा लोक कल्याण के कार्य मे सतत कार्य करने वाले लोक भारती संगठन से सम्बध्द बंगाली समाज के राष्ट्रवादी संगठन बंगो लोक भारती का खिचड़ी सहभोज कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें 70 से अधिक लोगो के शामिल होने की खबर है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए लोक भारती के केंद्रीय पदाधिकारी अशोक त्रिपाठी ने कहा कि बंगाली समाज देश के किसी भी कोने में रहे जंहा उनका निवास हो उन्होंने अपने घर के आस पास पेड़ पौधे अवश्य लगाते है। पुष्प की सुंदर बगीचा,किचन सब्जी की वाटिका का भी निर्माण करते है। सुंदर प्रकृति प्रेम की प्रतिमूर्ति है बंगाली समाज। वरिष्ठ पत्रकार एवं लोक भारती के भोपाल महानगर प्रभारी एम पी व्यास जीने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज के दो कार्य अवश्य करने की आवश्यकता होती है प्रथम शिक्षा पर ध्यान देना दूसरा समाज को एक सूत्र में बंधना अर्थात संगठित समाज का निर्माण करना। इन्ही दो कार्य से किसी भी समाज का उत्थान सम्भव है। वरिष्ठ समाज सेवी सुश्री निवेदिता व्यास ने अपने उद्बोधन में कहा कि बंगाली समाज की महिलाएं सांस्कृतिक कार्यक्रमो के माध्यम से महिलाओं को जागृति प्रदान करे समाज मे महिला शक्ति जागरण से ही समाज का उत्थान आसान हो जाता है। ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार द्विवेदी जी ने कहा कि किसी भी समाज का सामूहिक खिचड़ी भोज सामाजिक एकता का सूत्र बन जाता है। एक साथ उठने बैठने से एक साथ सहभोज करने से सामाजिक समरसता के साथ साथ समाज को संगठित करने में बल मिला है इसलिए ऐसे आयोजन को करने वाले प्रसंक्षा के पात्र है।वार्ड पार्षद शक्ति राव ने अपने उद्बोधन में कहा कि बंगाली समाज बंगो लोक भारती के प्रदेश संरक्षक संजीत सरकार ने बंगो लोक भारती के आयोजित कार्यक्रमो की जानकारी दी साथ ही उन्होंने कहा कि बंगाली समाज की भाषा,संस्कार संस्कृति की रक्षा के लिए बंगो लोक भारती संगठन निरन्तर कार्य कर रही है इस गति को और बढ़ाने के लिए बंगाली समाज के प्रबुध्य्जन आगे आये और समाज मे विभिन्य गतिविधियों के माध्यम से संस्कार संस्कृति रक्षा में अपने योगदान अवश्य दे। बंगो लोक भारती के प्रदेश संयोजक संजीव रॉय ने सम्बोधन में कहा कि बंगीय संस्कृति -संस्कार का संरक्षण हेतु मातृ भाषा का संरक्षण करना आवश्यक है हमे समाज मे ऐसे कुछ स्वयंसेवी लोगो को आगे आना होगा जो भाषा का निशुल्क शिक्षा प्रारम्भ करने का संकल्प ले और हप्ते में एक दिन एक घन्टा बंगला भाषा की शिक्षा प्रदान करने के लिए आगे आये। भाषा का संरक्षण होगा तो संस्कार-संस्कृति का भी संरक्षण अवश्य होगा। बंगाली समाज को संगठित करने का कार्य सभी के सहयोग से ही सम्भव है आओ सब मिलकर अपने समाज का पुनरुथान में तन मन धन से सहयोगी बन कर समाज हित मे कार्य करें। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से विधायक प्रतिनिधि आनंद पाठक, बंगो लोक भारती के सह प्रदेश संयोजक स्वपन दस,शमीर मण्डल,अशोक विश्वास,गौतम दे,बी ए ढाली,बी के अधिकारी,प्रकाश कीर्तनिया,दुलाल राय,अनिल वाला,परितोष मण्डल,साधन राय,बी के अधिकारी,कंकन राय, महिलाओं में प्रभाती कीर्तनिया, मिलन राय,अनिता ढाली, शोभा मण्डल,रानू बाग,बिशाखा बिस्वास,गीता विश्वास,सुचिता सिकदार,शुसमा विश्वास,लक्ष्मी विस्वास,स्वरस्वती मंडल,मीना मण्डल,सिला मिस्त्रि,कुसुम मण्डल,सरमिला मंडल,मनीसा, रेबा,बविता बिस्वास उपस्थित थे। कार्यक्रम का आभार व्यक्त प्रभाती कीर्तनिया ने किया।

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Author: rastriyajagran

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